
मध्य प्रदेश की राजनीति में उठा विवाद अब खत्म। भारी विरोध और विवाद के बाद आखिर 2 दिन पूर्व नियुक्त हुए तुषार ने म.प्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी का ओएसडी बनने से इंकार किया। उन्होंने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। गौरतलब है कि तुषार की नियुक्ति के बाद से ही उनके मोदी विरोधी ट्वीट को लेकर विवाद शुरू हो गया था। विपक्ष के साथ-साथ भाजपा के भीतर भी स्वर उठने लगे थे। कांग्रेस ने शिवराज को घेरते हुए सोशल मीडिया पर तुषार के एक ट्वीट को शेयर किया है, जिसमें पांचाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर टिप्पणी की थी।
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खबर यह है कि उनकी पुरानी PM विरोधी पोस्ट के कारण उन्हें ज्वाइन कराने से मना भी किया गया है।
तुषार के पास 2015 से शिवराज के सोशल मीडिया की सारी जिम्मेदारी है। 2018 में चुनावी कैंपेन इन्हीं के हाथों में था। 18 महीने कमलनाथ के खिलाफ एग्रेसिव कैंपेन चलाया। शिवराज की पब्लिसिटी में तुषार की अहम भूमिका रही है। 2018 के चुनाव से पहले शिवराज की जनदर्शन यात्रा की बागडोर भी तुषार के हाथ में थी।
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सूत्रों के मुताबिक, कोरोना की वजह से सरकार की गिरती साख को संभालने के लिए तुषार को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। पांचाल को विज्ञापन, जनसंपर्क, वैश्विक गंतव्य विपणन अभियान, सार्वजनिक मामले, रिसर्च, पॉलिसी, सरकारी मामलों में 24 साल का अनुभव है। तुषार को राजनीतिक विचारों को विकसित करने में महारत हासिल है।

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