
मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कोरोना नियंत्रण एवं व्यवस्थाओं के संबंध में सभी जिला क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप के साथ वर्चुअल बैठक ली। मुख्यमंत्री ने कहा है कि 7 मई तक जनता कर्फ्यू का कड़ाई से पालन किया जाए। मुख्यमंत्री शिवराज ने यह संकेत दिए कि जरूरत पड़ने पर कोरोना कर्फ्यू को बढ़ाया जा सकता है।मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश में संक्रमण की रफ्तार में कमी आई है। प्रदेश और देश के अन्य क्षेत्रों के अनुभव ने सिखाया है कि जहाँ भी जनता कर्फ्यू का कड़ाई से पालन किया गया, वहाँ पर संक्रमण में कमी आई है। उन्होंने जन-प्रतिनिधियों से कहा कि वे आगामी 10 दिन तक पूरी कड़ाई से जनता कर्फ्यू को लागू करने के लिये आमजन का नेतृत्व करें। इस बैठक में कोविड 19 नियंत्रण के प्रभारी मंत्रीगण, प्रभारी अधिकारी, कलेक्टर, कमिश्नर,पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस अधीक्षक व जिलों के क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप के सदस्य शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में आक्सीजन प्लांट बढ़ाने के भी निर्देश दिए।
कोरोना समीक्षा को लेकर सरकार ने एक नया फार्मूला तय किया है, अब सभी जिलों की कोरोना समीक्षा एक साथ नहीं होगी। मध्य प्रदेश के 52 जिलों को तीन ग्रुप ए, बी, सी में बांटा गया है। इन ग्रुपों की अलग-अलग समीक्षा होगी। अस्पतालों में आक्सीजन का आडिट किया जाएगा, अस्पताल को आक्सीजन कमी की सूचना 6 घंटे पहले देनी होगी। मुख्यमंत्री ने विधायकों और सांसदों को भी जन सहयोग से कोविड केयर सेंटर बनाने की अपील की। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश के सभी संभागीय मुख्यालयों में बड़े ऑक्सीजन प्लांट लगाये जायें। उन्होंने अधिकारियों को इस संबंध में शीघ्र कार्यवाही करने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वैक्सीनेशन कार्य को नियोजित ढंग से किये जाने के लिये 18 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों की संख्या और प्रतिदिन वैक्सीनेशन डोज की उपलब्धता के आधार पर टीकाकरण का कार्यक्रम प्रारूप तैयार करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि 45 वर्ष से अधिक उम्र वाले व्यक्तियों, स्वास्थ्य कर्मचारियों और फ्रंटलाइन वर्कर के वैक्सीनेशन के कार्य की गति कम नहीं हो। उन्होंने अस्पतालों के अतिरिक्त अन्य स्थानों पर वैक्सीनेशन केन्द्रों की स्थापना की संभावनाओं को तलाशने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य की बुनियादी सुविधाओं को और अधिक मजबूत बनाने के लिये आगामी बजट में बड़ी राशि का प्रावधान किया जायेगा।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश में ऑक्सीजन की उपलब्धता निरंतर बढ़ रही है। ऑक्सीजन का औचित्यपूर्ण उपयोग हो, इसके लिये जरूरी है कि प्राप्त और उपयोग की मात्रा का सावधानी पूर्वक विश्लेषण किया जाये। उन्होंने कहा कि टैंकरों की क्षमता और परिवहन अवधि के आधार पर व्यवस्थाएँ की जायें। यह सुनिश्चित किया जाये कि फिलिंग स्टेशन पर टैंकर कब पहुँचेगा, ताकि उसकी फिलिंग में किसी प्रकार का विलम्ब नहीं हो। उन्होंने होम आइसोलेशन से चिकित्सालयों में स्थानांतरित किये गये रोगियों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि जहाँ भी एक-दो प्रतिशत से अधिक रोगी चिकित्सालयों में स्थानांतरित किये गये हैं, उन सभी प्रकरणों का अध्ययन कर कारणों की समीक्षा कर उन्हें दूर करने का कार्य किया जाये।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश में कोविड ट्रीटमेंट फेसिलिटी का विस्तार हो रहा है। विस्तार के साथ ही यह सावधानी रखना भी जरूरी है कि जिन संस्थाओं को कोविड उपचार के लिये अनुमति दी जाये, उनका प्रभावी सत्यापन हो। केन्द्र में न्यूनतम उपचार सुविधाएँ अनिवार्य रूप से उपलब्ध होनी चाहिये। उन्होंने जिन जिलों में संक्रमण का दबाव अधिक है, वहाँ पर सरकारी सुविधाओं के साथ ही निजी उपचार सुविधाओं को भी विस्तृत किये जाने के प्रयासों की जरूरत बताई और आवश्यक उपकरण एवं संसाधनों की उपलब्धता कहाँ से हो सकती है, इस संबंध में भी जानकारी एकत्रित की जाये।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को बताया गया कि प्रदेश में मेडिकल किट वितरण कार्य की एफिशियंसी रेट 99 प्रतिशत है। होम आइसोलेशन में रहने वाले व्यक्तियों से चर्चा का प्रतिशत भी 97 से अधिक है।बैठक में बताया गया कि ऑक्सीजन की उपलब्धता के आधार पर आगामी 4 दिनों के लिये टैंकरों की उपलब्धता की प्लानिंग कर परिवहन का कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में एक दिन में 13 हजार 417 नये पॉजिटिव केस सामने आये हैं, जबकि 11 हजार 577 व्यक्ति स्वस्थ हुए हैं। इनमें से 1,711 व्यक्ति विभिन्न अस्पतालों से डिस्चार्ज हुए हैं। कोविड केयर सेंटर से 466 और होम आइसोलेशन से 9,390 व्यक्ति स्वस्थ हुए हैं। प्रदेश के 8 जिलों शाजापुर, पन्ना, आगर-मालवा, उमरिया, कटनी, राजगढ़, अनूपपुर और गुना में संक्रमण प्रकरणों की वृद्धि दर में कमी आई है। किल कोरोना अभियान-2 के अंतर्गत 12 हजार 800 सर्वेक्षण टीमें सर्वेक्षण का कार्य कर रही हैं।
