अगर आप खगोल विज्ञान में रूचि रखते हैं या सुपर पिंक मून देखना चाहते हैं तो आपके लिए आज सर्वोत्तम अवसर है। इस दिन चन्द्रमा की रोशनी दूसरे दिनों के मुकाबले अधिक होती है और वह आम दिनों के मुकाबले ज्यादा बड़ा और चमकीला दिखाई देता है।मंगलवार को शाम लगभग 7 बजकर 9 मिनिट पर पूर्व दिशा में जब चंद्रमा उदित हुआ तो तो उसका आकार सामान्य पूर्णिमा के चंद्रमा की तुलना में बड़ा है और चमक भी अधिक है। इस पिंक मून को मंगलवार पूरी रात देखा जा सकेगा।

खगोल विज्ञान के अनुसार चंद्रमा पृथ्वी का प्राकृतिक उपग्रह है। चंद्रमा की ऑर्बिट अंडाकार होने की वजह से चंद्रमा और पृथ्वी के सबसे दूर बिंदु को एपोजी जबकि सबसे नजदीक बिंदु को पेरीजी के नाम से जाना जाता है सुपरमून तब होता है जब चंद्रमा पेरीजी पर पहुंचता है जबकि एपोजी यह माइक्रो मून कहलाता है।

खगोलविदों के अनुसार सुपर मून वाले दिन चन्द्रमा पृथ्वी से निकटतम दूरी पर होता है। इस दिन चन्द्रमा और पृथ्वी के बीच की दूरी केवल 3,56,907 किलोमीटर होती है। इसकी वजह से वह अन्य दिनों की तुलना में 15 फीसदी ज्यादा बड़ा और अधिक चमकीला दिखाई देता है। यहां सबसे पहले जानने वाली बात यह है कि सुपर पिंक मून वास्तव में पिंक नहीं होता है। यह केवल अधिक चमकीला होता है। अमरीका के मूल निवासियों के अनुसार इस चन्द्रमा के दिखने का अर्थ था कि जल्दी ही बसंत आने वाला है। इस चन्द्रमा को स्प्राउटिंग ग्रास मून, द ऐग मून, द पास्कल मून या फिर द फिश मून के नाम से भी जाना जाता है।
नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बताया कि यह खगोलिय घटना सुपरमून कहलाती है। यह इस साल पहला सुपरमून होगा। 99.7 प्रतिशत चमक के साथ चमकने वाले इस मून को यूएसए में बसंत ऋतु के आरंभ में खिलने वाले गुलाबी फूलों के आधार पर पिंक मून का नाम दिया गया गया है। इस दौरान चंद्रमा की पृथ्वी से दूरी लगभग 358113 किमी होगी। यह रात भर आकाश में रहकर सुबह सबेरे लगभग 6 :40 पर अस्त होगा।
