
सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के बाहर सड़क पर शनिवार को जो एक ऐसी हृदय विदारक घटना घटी जिसे जिसे देख मानवता भी शर्मसार हो गई होगी देखने वालों की आँखों में आंसू आ गए,, लेकिन धरती का भगवान् कहे जाने वाले डॉक्टर काना दिल पसीजा और ना ही उनकी मानवीय संवेदना जागी।
ग्वालियर से 30 किलोमीटर दूर मानपुरा गांव से नवल सिंह अपने भाई के साथ मोटर साइकिल पर लेकर जब घर से माँ
चंदा बाई को लेकर निकला तो उसे उम्मीद थी कि उसकी माँ का इलाज हो जायेगा और वो ठीक हो जाएगी। नवल सिंह ने बताया कि माँ की सांस फूल रही थी, सबसे पहले वो बिरला अस्पताल लेकर पहुंचा वहां डॉक्टर्स ने देखने के बाद कहा कि ऑक्सीजन लैवल गिर रहा है सुपर स्पेशलिटी अस्पताल ले जाओ। नवल सिंह माँ को सुपर स्पेशलिटी अस्पताल लेकर पहुंचा, वहां हैल्प डेस्क पर पहुंचा, माँ को देखने के लिए कहता रहा लेकिन उसे कह दिया गया कई इन्तजार करो। वो बहुत देर इन्तजार करता रहा फिर माँ की उखड़ती सांसों की दुहाई डॉक्टरों को देता रहा, डॉक्टरों के सामने मिन्नतें करता रहा लेकिन डॉक्टरों का दिल नहीं पसीजा और वो नवल की माँ को देखने अस्पताल के बाहर भी नहीं आये।
अस्पताल के बाहर सड़क पर पड़ी माँ तड़पती रही बेटे इलाज के लिए मिन्नतें करते रहे लेकिन दरवाजे के बाहर भी कोई इलाज करने नहीं आया और आखिरकार माँ चंदा बाई तड़प तड़प कर दम तोड़ दिया। नवल का कहना था कि जब माँ तड़पती रही थी तब अस्पताल के बाहर से एक डॉक्टर निकला, उसने उनसे भी माँ को देखने के लिए कहा लेकिन वो भी भाग गया यदि कोई उसकी माँ को देख लेता, भर्ती कर लेता, ऑक्सीजन मिल जाती तो उसकी माँ बच जाती लेकिन सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के लापरवाह डॉक्टरों ने उससे उसकी माँ छीन ली। वो निजी खर्च पर एम्बुलेंस लाया उसने भाई की मदद से अपनी माँ के शव को सड़क से स्ट्रेचर पर रखा यहाँ भी कोई उसकी मदद करने नहीं आया।
