
सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की लापरवाही बड़ी लापरवाही सामने आई है जहां अस्पताल प्रबंधन ने किसी का शव किसी को सौंप दिया। मामले का खुलासा तब हुआ जब मुखाग्नि से पहले बेटे ने पिता का चेहरा देखना चाहा। जैसे ही बेटे ने चेहरे से कपड़ा हटाया सब चौंक गए वो उनके पिता का शव था ही नहीं। वो शव को लेकर वापस सुपर स्पेशलिटी अस्पताल पहुंचे और फिर बड़ी मशक्कत के बाद उन्हें उनके पिता की बॉडी मिली।
दरअसल समाधिया कॉलोनी में रहने वाले कोरोना पेशेंट 62 साल के छोटेलाल कुशवाह की मौत बीती रात सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में हो गई वे चार दिन से यहाँ भर्ती थे। परिजनों कीमौत की सूचना दी गई तो वे शव लेने पहुंचे। शव पूरी तरह पैक था उसपर मरीज के नाम की चिट लगी थी। परिजन शव को लेकर सीधे लक्ष्मी गंज मुक्तिधाम पहुंचे। नगर निगम ने भी अपनी तरफ से जाँच कर ली। शव को उतार कर अर्थी पर रख दिया, सारे संस्कार पैक अवस्था में ही कर दिए गए, लेकिन बेटे का मन नहीं मन नहीं माना उसने कहा कि मुखाग्नि से पहले पापा का चेहरा देखना है, बेटे ने जैसे ही चेहरे से कपडा हटाया तो चौंक गए वो छोटेलाल कुशवाह का शव नहीं था।
परिजन अंतिम संस्कार रोक कर शव को लेकर वापस सुपर स्पेशलिटी अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों को शिकायत की। लापरवाही सामने आते ही डॉक्टरों में हड़कंप मच गया, अस्पताल में छोटेलाल कुशवाह के शव को तलाशा जाने लगा और आखिरकार 2 घंटे की मेहनत के बाद छोटेलाल कुशवाह का शव मिल गया जिसे लेकर परिजन वापस लक्ष्मीगंज पहुंचे और अंतिम संस्कार किया।
