कोरोना संक्रमण का कहर पूरे प्रदेश में विकराल रूप ले चुका है वही सीधी जिले में भी करोना के केस दिन प्रतिदिन रिकॉर्ड तोड़ते जा रहे हैं बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए नवरात्रि के पावन पर्व में जिले के प्रमुख देवी मंदिरों को नवरात्रि में श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए गए हैं। यह फैसला मंदिरों में लगने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ व करोना गाइडलाइंस का पालन न करने की वजह से लिया गया है आपको बता दें कि घोघरा मंदिर का निरीक्षण सिहावल एसडीएम सुधीर बैग द्वारा किया गया उनके साथ तहसीलदार भी मौके पर मौजूद थे जिनके द्वारा पाया गया कि घोघरा मंदिर में सोशल डिस्टेंसिंग सहित बिना मास्क के लोग मंदिर में प्रवेश कर रहे हैं जिस वजह से एसडीएम सिहावल द्वारा पुजारी जी से बात कर के मंदिर को पूरी नवरात्रि तक बंद करा दिया गया है वहीं बहरी तहसील में स्थिति लौवा देवी मंदिर को भी तहसीलदार से बात नवरात्रि तक मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया गया है

घर में रहकर ही करें नवरात्रि में पूजापाठ : कलेक्टर
जिला कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी ने कहा कि कोरोना का दूसरा चरण चरम पर है। ऐसी स्थिति में लोग घर में रहकर ही देवी माता की पूजा अर्चना करें। मंदिरों में जाने से कोरोना का कहर बरप सकता है इसलिए हमने तय किया है कि मंदिरों का पट बंद किया जाये। उन्होने कहा कि आज पहले दिन दो मंदिरो का पट बंद कराया गया है। बटौली मंदिर में भी पुजारी से बात कर पट बंद कराया जाएगा। उन्होने जनता से अपील की है कि संकट की इस घड़ी में आस्था के साथ हम भी हैं लेकिन अपने एवं परिवार के सुरक्षा के लिए यह बेहद जरूरी है कि मंदिर जाने के वजाय घर में ही पूजा अर्चना की जाये।
जीवन से बड़ा कुछ नहीं है : एसडीएम
एसडीएम सिहावल सुधीर बेग ने कहा कि जीवन से बढ़कर कुछ नहीं है। हम तहसीलदार के साथ घोघरा मंदिर गए थे। दोपहर में देखा कि लोगों की काफी भीड़ थी जो कि बिना मास्क लगाए दर्शन करने आ रहे थे। लौआ मंदिर में भी तहसीलदार बहरी से बात कर बिना अनुमति के कारण मंदिर संचालित होने की वजह से भीड़भाड़ को देखते हुए पट बंद करा दिये हैं। एसडीएम ने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए सबसे पहली अपनी जिन्दगी को बचाना है। इसलिए हमने यह निर्णय लिया है।
