सीधी। भारतीय जनता पार्टी के कथनी करनी मे हमेशा से अंतर रहा है, वह देश के युवाओं किसानों वेरोजगारों के साथ छल करके सत्ता मे पहुॅच रही है। देश मे बेरोजगारों की संख्या मे बेतहाशा बृद्धि हो रही है लेकिन केन्द्र वा राज्य सरकार अपने वायदे के अनुसार हर वर्ष 2 करोड़ बेरोजगारों को रोजगार देने के वायदे पर अमल नहीं कर रही है उक्त बातें एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष विधायक विपिन वानखेडे ने सीधी मे आयोजित डिग्री वापस लौटाओ आंदोलन के दौरान हुई छोटी सभा मे बोलते हुए कहा है। श्री वानखेडे ने प्रदेश सरकार वा केन्द्र सरकार को आड़े हॉथो लेते हुए कहा कि दोनो सरकारें युवाओं का भविष्य चौपट करने पर तुली हुई हैं लाखों रूपए युवा खर्च करके इंजीनियर चिकित्सक उच्च शिक्षा प्राप्त कर रोजगार के लिये भटक रहा है उन्हे रोजगार नहीं मिल पा रहा है जबकि दोनो सरकारें सत्ता मे आने से पहले यह वादा कि थीं कि अगर उनकी सरकार बनती है तो युवाओं को रोजगार देने के साथ साथ स्वावलम्बी बनाने का कार्य किया जायेगा। सत्ता मे आते ही दोनो सरकारें भूल गयीं युवाओ को पकौड़ा तलने के लिये मजबूर करने लगीं, गत वर्ष मध्य प्रदेश की सरकार को पद से मुक्त करने के बाद भी मध्य प्रदेश सरकार बेरोजगारों को रोजगार देने एवं रोजगार के संसाधन पैदा करने तकनीकी शिक्षा की व्यवस्था करने का ढिढ़ोरा पीट रहीं थीं जैसे ही उन्हे बहुमत हॉसिल करने लायक संख्या बल मिल गया वैसे ही वेरोजगारों के साथ छल करना शुरू कर दियें। प्रदेश मे हो रही भर्तियों को कोरोना का बहाना कर के रोक दिया है इतना ही नहीं बेरोजगारों को ना तो रोजगार दे रही हैं ना ही बेरोजगारी भत्ता देने का इंतजाम कर रही है। कॉग्रेस भवन मे आयोजित अल्पकालिक सभा मे उन्होने शिवराज वा मोदी सरकार के नीतियों कि जम कर आलोचना की है।

सीधी जिले के वेरोजगारों युवाओं कि सबसे ज्यादा फजीहत-दीपक मिश्रा
एनएसयुआई के जिलाध्यक्ष दीपक मिश्रा ने कहा कि सीधी जिले के वेरोजगारों युवाओं कि सबसे ज्यादा फजीहत हो रही है यहॉ ना तो रोजगार के कोई संसाधन हैं ना ही तकनीकी शिक्षा के कोई इंतजामात किये गये हैं जिससे कि युवक शिक्षा प्राप्त कर अच्छे रोजगार की प्राप्ती कर सकें। जिले के हालात यहीं से वयॉ हो जाते हैं कि बढ़ती बेरोजगारों कि संख्या को देखते हुए सरकार ने जिले से रोजगारा कार्यालय ही हटा दिया है। जिससे उन्हे पंजीयन कराने तक के लिये दूसरे जिले के कार्यालय का सहारा लेना पड़ रहा है। इकलौती पॉलिटेकनिक कालेज जरूर खोली गयी उसमे भी सभी ट्रेट संचालित नहीं किये जा सके जिससे कि युवा तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रोजगार प्राप्त कर सकें। सभा को कई युवकों एनएसयूआई के पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया है।
सौ मीटर भी नहीं चल सकें कॉग्रेस के पदाधिकारी –
अपने घोषित डिगरी वापस लौटाओ कार्यक्रम को मूर्त रूप देने के लिये विधायक विपिन वानखेडे के नेतृत्व मे एनएसयूआई के पदाधिकारियों, युवक कॉग्रेस के पदाधिकारियों, का जत्था कॉगेंस भवन से कलेक्ट्रेट की ओर रवाना हुआ जत्था जैसे ही बीस मीटर आगे बढ़ा तो अस्पताल तिराहे के पास भारी संख्या मे मौजूद पुलिस बल ने उन्हे रोक लिया। इस दौरान छात्र संगठन कलेक्ट्रेट जाकर ज्ञापन सौंपने की जिद कर रहा था तो पुलिस उन्हे रोंकने पर आमादा थी, पुलिस वा छात्र संगठन के बीच लगभग आधे घंटे तक गुत्थम गुत्थी होती रही। भारी संख्या मे मौजूद पुलिस बल के सामनें संगठन को पस्त हो जाना पड़ा, पुलिस ने एक वाहन मे भरकर परेड़ ग्राउंड ले गयी जिसे अघोषित जेल घोषित कर धारा 151 के तहत गिरफ्तारी के बाद रिहाई कर दी।

बैरिकेट तोड़ते कई कार्यकर्ताओं को आई चोंटे –
एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के आंदोलन को रोकनें के लिये पुलिस द्वारा लगाई गयी बैरिकेटिंग को एक ही झटके मे कार्यकर्ताओं ने तोड़कर आगे बढ़ गये थें इस दौरान पुलिस के रोकनें पर कुछ कार्यकर्ताओं को मामूली चोंटे भी आयी हैं बाद मे पुलिस ने बिना बल प्रयोग किये आंदोलन के नेतृत्व करता विपिन वानखेड़े को गिरफ्तार कर पुलिस वाहन मे बिठा लिया तब जाकर आंदोलित युवाओं को नियंत्रित किया जा सका था। अपने अपने आप सभी पदाधिकारी पुलिस के वाहन मे बैठकर वनायी गयी अघोषित जेल को रवाना हो गयें। कई पदाधिकारी तो पैदल भी अघोषित जेल तक पहुॅच कर अपनी गिरफ्तारी दियें। यहॉ तक की महिला पदाधिकारी कार्यकर्ता पैदल जाते दिखाई दियें। बैरिकेटिंग तोडऩे वा उन्हे गिरफ्तार कर लेजाने के दौरान वरिष्ठ कॉगेे्रस नेता सहकारिता के संभागीय संयोजक राजेन्द्र भदौरिया के हॉथों मे चोंटे आयी हैं। आंदोलन के बाद वे निजी अस्पताल मे उपचार कराकर घर की ओर रवाना हुए।

