पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजयसिंह ने आरोप लगाया है कि ऐसे समय में जब कोरोना महामारी सबसे ज्यादा पीक पर है सरकार को अनावश्यक काम छोड़कर निजी अस्पतालों में भरती गंभीर मरीजों के इलाज का खर्च उठाना चाहिए| लेकिन खर्च उठाना तो दूर, वह मृत्यु के आंकड़े छुपाने में लगी है| श्मशान में लकड़ियाँ ख़त्म हो गई हैं| दिवंगत लोगों के परिजन अंतिम संस्कार के लिए घंटों जगह का इंतजार कर रहे हैं| राजधानी में दर्जनों लोग कोरोना से मर रहे हैं लेकिन सरकारी आंकड़ा दो-चार का ही रहता है| यह स्थिति निष्ठुरता और असंवेदनशीलता की अति है|

निजी अस्पतालों से सांठगांठ का लगाया आरोप
अजय सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराजसिंह ने कोरोना मरीजों का निजी अस्पतालों में इलाज का खर्च बंद करके प्रदेश के सैंकड़ों गरीबों और कम आय वाले लोगों को मरने के लिए अकेला छोड़ दिया है| लोग निजी अस्पतालों में महंगे इलाज के कारण अपनी जमा पूंजी के अलावा गहने और मकान बेचने को मजबूर हैं| शिवराज सरकार की निजी अस्पतालों से सांठ-गांठ के कारण प्रदेश में यह अमानवीय काम धड़ल्ले से चल रहा है| अस्पताल वाले लाखों का बिल थमा रहे हैं |
अजय सिंह ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में बिस्तरों की कमी है | गंभीर मरीजों के परिजन हलाकान हो रहे हैं| उन्हें मज़बूरी में प्राइवेट अस्पतालों में दौड़ना पड़ता है| सरकारी अस्पतालों में चल रहे फीवर क्लीनिकों में सैकड़ों की तादाद में लोग पहुँच रहे हैं जो कोरोना से बचने के सभी नियम तोड़ रहे हैं| लेकिन सरकार का ध्यान इस ओर नहीं है| इसलिए मरीजों की तादाद दिन दूनी रात चौगुनी बढ़ रही है|
शिवराज सिंह के ऊपर का तंच
पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने कहा मुख्यमंत्री को पैदल घूमने की नौटंकी बंद कर कुछ ठोस और व्यावहारिक उपाय करना चाहिए ताकि संक्रमण बढ़ने पर काबू पाया जा सके| सरकार को कोरोना जांच केन्द्रों की संख्या तत्काल बढ़ाना चाहिए| यदि अभी से कदम नहीं उठाये गए तो वह दिन दूर नहीं जबकि मध्यप्रदेश में भी महाराष्ट्र जैसी परिस्थितियां पैदा हो जायेंगी और समस्या बेकाबू हो जायेगी|
