मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमण लगातार बेकाबू होता जा रहा है संक्रमितों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। 3 अप्रैल को 3178 संक्रमित मिले। संक्रमण दर 11 फीसदी पर पहुंच गई है। 31 जिलों में कोरोना के 20 से ज्यादा केस मिले हैं।इसके बाद छत्तीसगढ़ से लगी राज्य की सीमाएं सील कर दी गई हैं। महाराष्ट्र से लगी सीमा पहले ही सील की जा चुकी है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने बढ़ते कोरोना केस पर कहा कि जहां जरूरत पड़ी, वहां लॉकडाउन लगाया जाएगा।

भोपाल में पिछले 10 दिन में 5000 मरीज बढ़े हैं। इससे पहले सबसे तेज 5000 मरीज 20 दिन में 27 अक्टूबर से 16 नवंबर 2020 के बीच बढ़े थे। तीन दिन से औसतन 500 से ज्यादा मरीज मिल रहे हैं। शनिवार को 526 मरीज मिले। यहां के टीटी नगर स्टेडियम में एक ही दिन में 10 खिलाड़ियाें समेत 15 पाॅजिटिव आए हैं। अब यहां डे-बाेर्डिंग और पे एंड प्ले स्कीम वाले खिलाड़ियाें की एक्टिविटी बंद कर दी गई हैं।

इंदौर में सबसे ज्यादा 737 संक्रमित मिले। जबलपुर में 224 और ग्वालियर में 120 संक्रमित सामने आए हैं। प्रदेश में एक्टिव केस का आंकड़ा भी 20 हजार 369 तक पहुंच गया है। सरकार का अनुमान है कि अप्रैल के आखिर तक कोरोना अपने पीक पर पहुंच सकता है। इसे देखते हुए सरकार ने फिर से कोविड केयर सेंटर बनाने का फैसला किया है।
कोविड शव का हो पाएगा पोस्टमार्टम
इंदौर में कोविड से मरने वाले मरीजों के पोस्टमार्टम की मंजूरी मिल गई है। एमजीएम मेडिकल काॅलेज के डीन डॉ. संजय दीक्षित के मुताबिक, एथिकल कमेटी के पास यह प्रस्ताव जाएगा और वहां से मंजूरी के बाद मेडिकल कॉलेज परिजन की सहमति लेकर शव का पोस्टमार्टम कर सकेगा। इससे पता चलेगा कि आखिर वायरस किस अंग पर ज्यादा असर कर रहा है, जिससे मरीज की मौत हो रही है।
अभी तक रिसर्च में सामने आया है कि कोविड मरीजों के फेफड़े पूरी तरह से खत्म हो जाते हैं, किडनी पर भी असर होता है और खून के थक्के बनते हैं। पोस्टमार्टम के बाद और भी कई तथ्य सामने आ सकेंगे। अभी दिल्ली एम्स और भोपाल एम्स में कोरोना से मरने वाले का पोस्टमार्टम होता है।
