शिक्षा विभाग द्वारा ऐसे कर्मचारियों जो 50 वर्ष की आयु या 20 वर्ष की नौकरी पूरी कर चुके हैं। उनके कार्य की गोपनीय जांच करवाई जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा विभाग ऐसे शिक्षकों की सूची तैयार कर रहा ।

जांच में दोषी पाए जाने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा विभाग ऐसे शिक्षकों की सूची तैयार कर रहा है। दरजसल शिक्षा विभाग द्वारा अधिकारी कर्मचारियों की सूक्ष्म रुप से जांच की जाएगी। माना जा रहा है कि कमेटी जांच की रिपोर्ट सामान्य प्रशासन विभाग को सौंपेगी। इसके लिए संभाग या जिला स्तर पर कमेटी बनाई जा सकती है।
शासकीय शिक्षकों की कार्य की जांच करने के लिए जो कमेटी बनाई जाएगी उसके लिए समय सीमा निर्धारित कर दी गई है। हर वर्ष एक जनवरी की स्थिति से 20 वर्ष की नौकरी पा 50 वर्ष की आयु पूरी करने वाले शिक्षकों की छानबीन 6 माह पहले शुरू की जाएगी। 20 वर्ष की नौकरी पूरी करने वाले शिक्षको की आंतरिक जांच शुरू की जाएगी। जिसके बाद संभाग स्तर पर कमेटी में संभागायुक्त अध्यक्ष होग। वही संभागीय अधिकारी व संबंधित विभाग के अधिकारी सदस्य मनोनीत किए जाएंगे पुणे जिला स्तर की कमेटी के अध्यक्ष कलेक्टर को नियुक्त किया जाएगा। माना जा रहा कि शिक्षा विभाग के अधिकारी दवारा जांच की रिपोर्ट तैयार कर सामान्य प्रशासन विभाग को सौंपी जाएगी। इस मामले में अधिकारियों के अनुसार शासन दवारा स्पष्ट आदेश दिए गए कि यदि कोई शिक्षक कर्मचारी आनुशासनहीनता करता है तो उसकी जानकारी सामान प्रशासन विभाग को तुरंत उपलब्ध कराई जाए। सामान्य प्रशासन विभाग दवारा शिक्षकों का खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
