मध्य प्रदेश सरकार ने छात्रों को बड़ी राहत दी है। जहां सीपीसीटी (CPCT) को लेकर शिवराज सरकार ने बड़ा फैसला सुनाया है। दरअसल शिवराज सरकार द्वारा कंप्यूटर दक्षता प्रमाणीकरण परीक्षाके प्रमाण पत्र की वैधता बढ़ा दी गई है। जिसके बाद प्रदेश के सैकड़ों छात्रों को इसका लाभ मिलेगा। दरअसल मध्य प्रदेश सरकार ने सीपीसीटी सर्टिफिकेट की वैधता अवधि 4 साल से बढ़ाकर 7 साल कर दी है।प्रदेश में कोरोना के बढ़ते हालत को देखकर यह फैसला किया गया है। वैधता को इस तरह बढ़ाया गया है कि छात्रों का CPCT स्कोर कार्ड दूसरे राज्य की परीक्षा में भी वैध किया जाए।

शिवराज सरकार के इस निर्णय के बाद से पदेश के लघु छात्रों सहित सहायक ग्रेड 3, स्टेनो, डाटा एंट्री ऑपरेटर जैसे पदों की भर्ती करने वाले परीक्षार्थी को बड़ा लाभ मिला है। बता दे कि प्रदेश में सीपीसीटी सर्टिफिकेट की वैधता बढ़ाने की अपील छात्रों द्वारा की जा रही थी। वही इसका फायदा उन छात्रों को भी मिलेगा जिन्होंने परीक्षा तो पास कर ली थी लेकिन अब तक उन्हें नौकरी नहीं मिली है। अब 4 साल की वैधता को बढ़ाकर 7 साल करने के बाद ऐसे युवाओं को संविदा और नियमित नियुक्तियों में शामिल होने के लिए प्रमाण पत्र किया जाएगा।
ज्ञात हो कि सीपीसीटी का उद्देश्य कंप्यूटर दक्षता चेक करना उसका प्रमाणीकरण देना है। प्रदेश सहित देश भर में सरकारी विभागों को कंप्यूटराइज किया जा रहा है। जिसके लिए छात्रों कंप्यूटर दक्षता देखना अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसी स्थिति में सीपीसीटी से अभ्यर्थियों की कंप्यूटर की बेसिक ज्ञान का पता लगाया जाता है। वही सीपीसीटी में शामिल होने की न्यूनतम उम सीमा 18 साल है और अभ्यथीं को 12वीं पास होना अनिवार्य है।
