
जबलपुर की सीबीआई टीम ने सिंगरौली स्थित कोल माइंस प्रोविडेंट फंड सीएमपीएफ के इंस्पेक्टर को 10 हजार रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने एक कर्मचारी के फंड में जमा 59 लाख रुपए निकलवाने के एवज में एक लाख रुपए मांगे थे। 50 हजार में सौदा तय हुआ था। पहली किस्त के तौर पर 10 हजार रुपए मांगे थे। सीबीआई टीम उसके घर की भी सर्चिंग में जुटी है।
सीबीआई एसी अजय दुबे के मुताबिक सिंगरौली स्थित काेल माइंस प्रोविडेंट फंड सीएमपीएफ के इंस्पेक्टर राजेश रंजन के खिलाफ 50 हजार रुपए रिश्वत मांगे जाने की शिकायत मिली थी। इस पर सीबीआई की एक टीम गुरुवार को सिंगरौली पहुंची। सीबीआई टीम ने इंस्पेक्टर राजेश रंजन को कोल माइंस के एक कर्मचारी से रिश्वत के 10 हजार रुपए लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया।
फंड से 59 लाख रुपए निकलवाने के एवज में मांगी थी रिश्वत
सीबीआई में शिकायत करने वाले कोल माइंस के पीड़ित कर्मचारी ने बताया कि सीएमपीएफ में उसकी 59 लाख रुपये फंड की राशि जमा है। इसे निकालने के लिए उसने सीएमपीएफ में आवेदन किया था। रकम जारी करने के लिए इंस्पेक्टर रंजन ने एक लाख रुपये रिश्वत मांगे। बाद 50 हजार रुपये में सौदा तय हुआ। रिश्वत न मिलने पर फंड की रकम अटकाने की धमकी दी। रिश्वत की रकम की पहली किश्त 10 हजार रुपये लेकर आरोपी ने कर्मी को बुलाया था।
घर में सर्चिंग, जबलपुर में हाेगी पूछताछ
रंगे हाथ गिरफ्तारी के बाद सीबीआई टीम रंजन के सिंगरौली स्थित घर पहुंची और सर्च की कार्रवाई की। सीबीआई एसपी के निर्देश पर हुई कार्रवाई में रंजन की तमाम चल अचल संपत्ति का पता चला है। रंजन को लेकर आज टीम जबलपुर पहुंची है। पूछताछ के बाद आज उसे सीबीआई की विशेष कोर्ट में पेश किया जाएगा। सीबीआई उसकी कोर्ट से रिमांड लेने की तैयारी में है।
