
सीधी मामले में सीएम शिवराज ने भोपाल पुलिस मुख्यालय से इस मामले पर स्पष्टीकरण मांगा है।साथ ही दोषी पुलिसकर्मियों के व्यवहार पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
सीधी जिले के पत्रकार और रंगकर्मियों को स्थानीय पुलिस द्वारा गिरफ्तार करने और आपत्तिजनक स्थिति में फोटो वायरल होने पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संज्ञान लिया है। सीएम ने भोपाल पुलिस मुख्यालय से इस मामले पर स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही दोषी पुलिसकर्मियों के व्यवहार पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।पत्रकार के साथ हुए दुर्व्यवहार के लिए जिम्मेदार थाना प्रभारी मनोज सोनी और सब इंस्पेक्टर को लाइन अटैच करने के आदेश दिए गए हैं।
आप को बात दें कि सीधी कोतवाली मनोज सोनी व अमिलिया थाना प्रभारी अभिषेक सिंह के ऊपर स्थानीय विधायक को खुश करने के लिए पत्रकार के साथ गालीगलौज व मारपीट करने के साथ ही पत्रकार की अर्ध नग्न फ़ोटो वायरल करने का गंभीर आरोप था।इस पूरी घटना को लेकर स्थानीय पत्रकारों के बीच काफी आक्रोश था।
पूर्वनेता प्रतिपक्ष ने की थी घटना की निंदा
पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने सीधी पुलिस द्वारा पत्रकार कनिष्क तिवारी के साथ किये गए अमानवीय व्यवहार की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा है कि पुलिस का यह व्यवहार न केवल पुलिसिया आतंक को दर्शाता है बल्कि प्रदेश की भाजपा सरकार का मीडिया के प्रति उसकी सोच को भी प्रदर्शित करता है ।
पुलिस ने किया था गिरफ्तार
मध्य प्रदेश के सीधी में विधायक केदारनाथ शुक्ला के खिलाफ फेसबुक पर अनुराग मिश्रा के नाम पर फर्जी आईडी बना कर आपत्तिजनक कमेंट करने के आरोप में नाट्य कलाकार नीरज कुंदेर को गिरफ्तार कर लिया गया था।इसके अलावा इस मामले में पत्रकार भी पुलिस के लपेटे में आ गया।गिरफ्तार किए गए सीधी के नीरज कुंदेर नाट्य समिति के संचालक थे।उन्हें अरेस्ट करने के बाद उनके समर्थकों ने थाने के बाहर प्रदर्शन किया।
वहीं पुलिस ने इस गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों की भी पिटाई कर दी। इनमें कुछ पत्रकार भी बताए जा रहे हैं।यही नहीं पुलिस ने पत्रकारों के कपड़े उतरवाए जिसका फोटो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।फोटो वायरल होने के बाद अब सीएम शिवराज ने भी इस मामले पर संज्ञान लिया और कई मामले में संलिप्त पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

