हिदू धर्म का विशेष पर्व महाशिवरात्रि जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण क्षेत्रों में आस्था पूर्वक मनाया गया। गुरुवार को भक्त दूध, दही, घृत, शहद, चंदन से अभिषेक कर महादेव की कृपा प्राप्त की। महादेव का दर्शन करने के लिए बुधवार की देर रात से ही शिवालयों में शिवभक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। हाथों में फूलों की डलिया और लोटे में जल लिए भक्त ”हर हर महादेव”’, ”ऊं नम: शिवाय” का उद्घोष करते हुए नंगे पांव ही मंदिर पहुंचे थे। बुधवार की रात शयन आरती से पहले भी श्रद्धालुओं ने महादेव का अभिषेक किया। हर कोई भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर जीवन को धन्य कर लेना चाह रहे थे। श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक करने के बाद बाबा को अभ्रक, अबीर, गुलाल, जौ, साठी का चावल, जल, नारियल के जल, केवड़ा, चंदन, काला तिल, कमलगट्टा, दूध, दही, शहद, घी, रोली, गुलाब जल, इत्र, पुष्प, जनेऊ, भांग, शमी पत्र, मंदार पुष्प, भस्म, बेल पत्र, धतूरा भगवान शिव को अर्पित कर वैश्विक महामारी

कोरोना को पूरी तरह से खत्म करने तथा परिवार की सुख समृद्धि व बेहतर स्वास्थ्य की मन्नतें मांगी। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मंदिरों के बाहर पुलिस प्रशासन की सख्ती देखने को मिली। गांव से लेकर शहर तक के श्रद्धालु मंदिरों में पहुंचकर भगवान आशुतोष का जलाभिषेक कर विधि विधान से व्रत रखा। मंदिरों व शिवालयों में भीड़ होने के कारण श्रद्धालुओं को घंटों कतार में खड़े होकर अपनी बारी की प्रतीक्षा करनी पड़ रही थी। महाशिवरात्रि पर भगवान शंकर की महिमा का बखान करते हुए कहा कि आचार्य पंडित उमाशंकर पांडेय ने कहा कि भगवान शिव सबकी मनोकामनाएं पूरी कर देते हैं। देवों के देव महादेव का रुद्राभिषेक व्रत रखने वालों को सौभाग्य, समृद्धि और संतान की प्राप्ति होती है।
