
मध्यप्रदेश में बजट सत्र शुरू होने से पहले ही डिप्टी स्पीकर के चुनाव के लिए सियासी जंग शुरू हो चुकी है। 7 मार्च से प्रदेश में विधानसभा का बजट सत्र शुरू होने वाला है और फिलहाल डिप्टी स्पीकर का पद भी खाली है। दरअसल, करीब 2 साल से मध्यप्रदेश विधानसभा की कार्यवाही बिना डिप्टी स्पीकर के चल रही है, आखिरी बार जुलाई 2020 में रामेश्वर शर्मा को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया गया था। वह करीब 8 महीने तक इस पद पर रहे। उनके बाद किसी की भी नियुक्ति इस पद पर नहीं की गई है, हालांकि इसके बाद गिरीश गौतम को विधानसभा स्पीकर बनाया गया अब गौतम का 1 साल का कार्यकाल खत्म होने वाला है और करीब 2 साल से विधानसभा में डिप्टी स्पीकर का पद खाली जा रहा है।
इसी बीच कांग्रेस ने डिप्टी स्पीकर के पद की मांग की है। लेकिन बीजेपी सरकार अपनी सुरक्षा बचाए रखने के लिए दोनों ही पद अपने पास रखना चाहती है, जिसके बाद बजट सत्र शुरू होने से पहले ही प्रदेश में खींचातानी जारी है। विपक्ष में बैठी कांग्रेस पुराने परंपरा को याद दिलाते हुए, डिप्टी स्पीकर के पद को कांग्रेस को देने की मांग सामने रखी है। पूर्व मंत्री पीसी शर्मा का कहना है कि, बजट सत्र से पहले डिप्टी स्पीकर के नाम की घोषणा हो जानी चाहिए।
विधानसभा की परंपरा के अनुसार डिप्टी स्पीकर का पद विपक्ष की जिम्मेदारी है। लेकिन बीजेपी ने कमलनाथ सरकार के दौरान स्पीकर और डिप्टी स्पीकर दोनों के पद कांग्रेस के झोली में जाने पर सवाल उठाए हैं, जिस पर पीसी शर्मा का कहना है कि, उस समय के हालातों के चलते वह फैसला लेने के लिए सरकार मजबूर हुई थी, लेकिन अब विधानसभा की पुरानी परंपरा दोबारा कायम करना ही सही होगा।
