
कलेक्टर मुजीबुर्रहमान खान एवं अपर कलेक्टर बी पी पाण्डेय द्वारा मिनी स्मार्ट सिटी योजनान्तर्गत निर्माणाधीन बस स्टैण्ड जमोड़ी एवं एप्रोच सड़क का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। कार्य के धीमी प्रगति पर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुये संविदाकार को 10 फरवरी 2022 तक कार्य पूर्ण करनें के निर्देश दिये हैं।

कलेक्टर श्री खान द्वारा निर्माणाधीन बस स्टैण्ड के प्रत्येक कमरों का बारीकी से निरीक्षण किया गया तथा विस्तृत जानकारी प्राप्त की गयी। बस स्टैण्ड से मुख्यमार्ग को जोड़ने वाली निर्माणाधीन एप्रोच सड़क में स्पीड ब्रेकर बनाने, सड़क की चौड़ाई कम होने के कारण निजी भूमिस्वामियों द्वारा सड़क के दोनो तरफ सर्विस लेन के लिये जमीन छोड़ने के उपरान्त भवन एवं दुकान निर्माण के अनुमति देनें हेतु निर्देशित किया गया।

दीनदयाल अन्त्योदय रसोई तथा आश्रय स्थल (रैन बसेरा) के निरीक्षण के दौरान विस्तृत जानकारी प्राप्त की गयी तथा भोजन करने वालों से बातचीत की गयी। कलेक्टर ने योजना के प्रचार-प्रसार के दृष्टिगत बस स्टैण्ड, अस्पताल परिसर, कलेक्ट्रेट कार्यालय परिसर, नगर पालिका सीधी के सीमा पर निर्मित तोरण द्वार पर होर्डिग तथा रसोई भोजनशाला तथा आश्रय स्थल के बाहर एवं भीतर फ्लैक्स लगाने के निर्देश मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर पालिका परिषद सीधी को दिये हैं।

दीनदयाल अत्योदय रसोई के संचालिका शान्ति रावत अध्यक्ष जयमाता दी स्वसहायता समूह द्वारा बताया गया कि वर्तमान समय में औसत रूप से प्रतिदिन 200 लोग भोजन करने आ रहे है जिसमें 40 से 50 गरीब लोगों के पास पैसा न होने के बावजूद निःशुल्क भोजन दिया जाता है तथा पूरा प्रयास रहता है कि बिना भोजन किये कोई भी वापस न जाये, सीधी शहर के कई समाजसेवी दानदाताओं द्वारा खुले मन व स्वेच्छा भाव से सहयोग किया जा रहा है तथा कुछ दानदाताओं नें स्वेच्छापूर्वक स्वयं व अपने परिवार के स्वजनों के सालगिरह (जन्म दिवसो), शादी की सालगिरह, धार्मिक त्योहारों व अन्य शुभ कार्यो तथा आत्मीय स्वजनो की याद में पवित्र पुन्यतिथि के अवसर पर ’’दीनदयाल अंत्योदय रसोई योजना’’ में तिथियो का चयन कर सम्पूर्ण भोजन व्यवस्था में सहयोग किया जा रहा है लेकिन अभी ऐसे दानदाताओ की संख्या बहुत कम है।
संचालिका के इस प्रयास को कलेक्टर द्वारा सराहना की गयी तथा कहा गया कि ’’दीनदयाल अंत्योदय रसोई योजना’’ के भोजन शाला में अपनो के बीच में रहने वालें तरह-तरह के परेशानियों से लड़ रहे गरीब मजदूर, असहाय व मजबूर लोग भोजन करने आते है तथा भोजन उपरान्त उनके चेहरे पर उभरते संतुष्टि के भाव को देखने को मिलता है। यह पुण्य का कार्य है इसे पूरे सेवाभाव से किया जाये। शहर में उपसचालक, सामाजिक न्याय तथा नगर पालिका परिषद सीधी को वृद्धाश्रम संचालित करने के संबंध में कार्यवाही करने हेतु निर्देश दिये गये।
