
प्रदेश सरकार भले ही मनरेगा योजना के तहत श्रमिकों को रोजगार देने का दम भर रही है।लेकिन सीधी जिले में मनरेगा योजना बेरोजगार श्रमिकों के लिए मजाक साबित हो रही है।यहां इस योजना के तहत फौजी रिटायर्ड और पंचायत कर्मियों के रिश्ते दरों को कागज में काम दिया जा रहा है।जबकि जमीनी हकित में पंचायत कर्मी श्रमिकों की जगह मशीनों से काम करा रहें।ग्रामीणों के शिकायत के बाद अब जिला पंचायत CEO भ्रष्टाचारी कर्मियों के खिलाफ कर्यवाही का भरोसा दे रहें है।

सीधी जिला मुख्यालय से 50 किलोमीटर दूर सिहाबल जनपद क्षेत्र के ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजना के तहत जनपद अधिकारीयों के सह पर भ्रास्टाचार की नाई इवारत लिखी गाई है।इस जनपद क्षेत्र के ग्राम पंचायत में कोरोना लाकडाउन के बाद तकरीबन करोड़ का मेंड़ बंधना खेत तलाब का निमार्ण कार्य करया गया है वह भी बेरोजगार श्रमिकों के बजय मशीनों से जिसकी एक बानगी डढ़िया ग्राम पंचायत में देखने को मिली है।यहां राजकुमार के खेत मे लाखों की लागत से खेत तलाब का निर्माण करया जा रहा है।कागज में तो तीन दर्जन से अधिक श्रमिकों को रोजगार दिखया गया है।लेकिन असल मे यहां खेत तलाब का काम श्रमिक नहीं बल्कि JCB माशिन से करया गया है।पंचायत कर्मियों द्वारा कागज में जिन श्रमिकों को इस खेत तलाब में काम मे लगया गया है।उसमें एक फौजी रिटायर्ड सुखपति प्रासाद भी शामिल जिन्हें पंचायत कर्मियों ने 6 दिनों तक मनरेगा में काम दिया बल्कि 994 रुपये मजदूरी भुगतान भी किया है।इतना ही नहीं सरपंच के सगे सम्बंधी सहित काई नामचीन घरों के लोगो को इस खेत तलाब के नाम मजदूरी निकाली गाई है।खेत तलाब का जब मस्टर रोल निकल कर सामने आया तो गाँव बाले सहित अधिकारी भी हैरान रह गए।शिकायत कर्ता विजय की माने तो खेत तलाब सहित पंचायत में जितने भी निर्माण कार्य हो रहे है सभी काम मशीनों से करया जा रहा है।फौजी रिटायर्ड सहित सरपंच के सगे संबंधियों के नाम मनरेगा का मस्टर रोल जारी कर भुगतान किया गया है,शिकायत के बाद भी स्थानीय प्रसासन कोई सुनबाई नहीं कर रहा है।
मामले की शिकायत कलेक्टर और जिला पंचायत CEO से की गई है,वही इस मामले को लेकर जिला पंचायत CEO राहुल धोटे का कहना है कि शिकायत मेरे संज्ञान में आई है मामले की जॉच कराकर दोषियों के खिलाफ कर्यवाही की जायेगी।इसके साथ ही मनरेगा योजना में भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
बहरहाल सिहाबल जनपद क्षेत्र के ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजना में जम कर भ्रष्टाचार की पंचायत कर्मियों ने जनपद अधिकारी के सह पर इबारत लिखे चुके है।ऐसे में देखना यह दिलचस्प होगा कि नवागत जिला पंचायत सीईओ कब तब मनरेगा में भ्रष्टाचार की इबारत लिखने वाले कर्मियों के खिलाफ कर्यवाही कर पाने में सफल हो सकेंगे।
