
जिले में दस्तक अभियान में 9 माह से 5 साल तक के बच्चों को विटामिन ए की दवाई पिलाकर व ORS का घोल बनवा कर गांव-गांव में बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण और उन में होने वाली बीमारियों की पहचान के लिए शुभारंभ किया गया ।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.एल.मिश्रा ने बताया कि महीने भर तक चलने वाले इस अभियान में विकास खंड एवं शहरी क्षेत्रों का कोई बच्चा छूटने ना पाए इसके लिए हर घर पर दस्तक दी जाएगी ।
किसी भी बच्चे में किसी भी प्रकार के रोग के लक्षण हैं तो उनके समुचित इलाज का प्रबंधन होगा, घर वालों को बीमारी संबंधित उचित परामर्श दिया जाएगा ।
दस्तक अभियान एक महत्वपूर्ण अभियान है जिसके माध्यम से हम बच्चों में होने वाली बीमारियों को समय पर पहचान कर बच्चों की मृत्यु दर में कमी ला सकते हैं साथ ही विटामिन ए व आयरन सिरप के माध्यम से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर संभावित खतरों से बच्चों को सुरक्षित रख सकते हैं।
उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की सतत मॉनिटरिंग का कार्य भी किया जाएगा इस अभियान में बच्चों में पाए जाने वाले प्रमुख बीमारियां जैसे निमोनिया, कुपोषण, दस्त, एनीमिया,व जन्मजात विकृति के बच्चों की सक्रिय स्क्रीनिग की जायेगी।
समस्त 9 माह से 5 साल तक के बच्चों को विटामिन ए की खुराक ए. एन.एम. या आंगनवाड़ी व आशा कार्यकर्ता द्वारा दवा पिलाई जाएगी । साथ ही कुपोषित बच्चों की माँ को उचित खान पान की सलाह देकर डिस्चार्ज बच्चों का फॉलोअप किया जायेगा, टीकाकरण से छूटे हुए बच्चों की पहचान कर उन्हें टीकाकरण अभियान से जोड़ा जाएगा।
सीएमएचओ डॉ. मिश्रा ने यह भी बताया कि दस्तक अभियान में ए.एन.एम. और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता बच्चों की स्क्रीनिंग करते समय उसकी रैंकिंग निकालेंगे जो बच्चे गम्भीर बीमारियों से ग्रसित होंगे उन्हें चिन्हित कर उनकी सूची बनाएंगे एवं उन्हें बीमारियों के अनुरूप स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु डाटा तैयार कर अग्रिम कार्यालय को भेजा जाएगा ।
