
देश में बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। राहुल गांधी ने अपनी चिट्ठी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि देश के अलग-अलग हिस्से में फैले वायरस की ट्रैकिंग हो और जीनोम सीक्वेंसिंग करवाई जाए। उनके मुताबिक, इस वायरस का अनियंत्रित ढंग से प्रसारित होना न सिर्फ हमारे देश के लोगों के लिए घातक होगा, बल्कि शेष दुनिया के लिए भी होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री को सुझाव दिया, ‘‘इस वायरस एवं इसके विभिन्न स्वरूपों के बारे में वैज्ञानिक तरीके से पता लगाया जाए। सभी नए म्यूटेशन के खिलाफ टीकों के असर का आकलन किया जाए। सभी लोगों को तेजी से टीका लगाया जाए। पारदर्शी रहा जाए और शेष दुनिया को हमारे निष्कर्षों के बारे में अवगत कराया जाए।’राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के पास कोविड के खिलाफ टीकाकरण को लेकर कोई स्पष्ट रणनीति नहीं हैं और सरकार ने उसी समय इस महामारी पर विजय की घोषणा कर दी जब यह वायरस फैल रहा था.देश की समूची जनसंख्या का वैक्सीनेशन किया जाए।
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राहुल गांधी ने अपने पत्र में लिखा कि कोरोना म्यूटेशन को लगातार ट्रैक करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मैं फिर से आपको पत्र लिखने के लिए विवश हूं क्योंकि देश कोरोना संक्रमण सुनामी की चपेट में है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के अनियंत्रित संक्रमण का असर भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में पड़ा है ।राहुल गांधी ने पत्र में यह आरोप भी लगाया है कि भारत सरकार की विफलता के कारण एक बार फिर देश लॉकडाउन की स्थिति में आ गया है इस स्थिति में गरीबों का तत्काल आर्थिक मदद की जाए ताकि उन्हें पिछले साल जैसे हालात से ना गुजरना पड़े ।
उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया के हर छह लोगों में से एक व्यक्ति भारतीय है. इस महामारी से अब यही पता चला है कि हमारा आकार, आनुवांशिक विविधता और जटिलता से भारत में इस वायरस के लिए बहुत ही अनुकूल माहौल मिलता है कि वह अपने स्वरूप बदले तथा अधिक खतरनाक स्वरूप में सामने आए. मुझे डर इस बात का है कि जिस ‘डबल म्यूटेंट’ और ‘ट्रिपल म्यूटेंट’ को हम देख रहे हैं, वह शुरुआत भर हो सकती है.”राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि इस स्थिति में गरीब लोगों को आर्थिक सहायता के साथ-साथ खाद्य सामग्री तत्काल उपलब्ध कराई जाय ताकि इस कुरौना वायरस जैसी महामारी के दौर में भी गरीबों को परेशानी से बचाया जा सके।
