
सीधी : जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रुद्र प्रताप सिंह बाबा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए वर्तमान कोविड महामारी के सम्बंध में चिंता जाहिर करते हुए प्रशासन से मांग की है कि सरकार सरकार अस्पतालों में सुलभ सिटी स्केन एवं बेंटिलेटर की सुविधा अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधा के दृष्टि से डॉक्टर कंपाउंडर तथा नर्सों की सुविधा में बृद्धि सररकार झूंठी बयानवाजी के बजाय सत्यता से आमजनमानस को अवगत कराए एवं मृतकों और संक्रमितों का आंकड़ा छुपाना बन्द करे. ऐसा करके सरकार अपने जिम्मेदारी से बच नहीं सकती. अमेरका के स्वास्थ विशेषज्ञ डॉक्टर एंथनी फाउची ने कहा है कि कोविड की दूसरी लहर वेहद निराशाजनक है .अस्थाई फील्ड अस्पताल बनाये जाएं तथा इस संबंध में सेना कि मदद ली जाय .सरकार देश की अन्य गतिविधियों को रोककर सम्पूर्ण संसाधनों का उपयोग करे. देश की जनता का हर सांस बचाना पहली प्राथमिकता हो .सभी जिलों में आवश्यक रूप से ज्यादा छमता वाले आक्सीजन प्लांट लगाए जाएं. कोविड प्रभावित लोगों के लिए रेमडेसीवर इंजेक्शन की पूर्णता सुनिश्चित हो. कोविड पीड़ित लोगों की पूर्ण दवा जो होम आइसोलेशन में हैं सुनिश्चित हो. वैज्ञानिक विशेषग्यो के अनुसार इम्युनिटी पावर बढ़ाने वाली दवा का वितरण हो. टीकाकरण की पूर्ण ब्यवस्था हो ऐसी मांग सीधी जिला कांग्रेस कमेटी ने सरकार से की है. काँग्रेस ने वर्तमान व्यवस्था पर चिंता जाहिर की है कि वर्तमान में सरकार की व्यवस्था भगवान भरोसे समझ मे आ रही है. सरकार मात्र आंकड़ा छुपाने में मशगूल है. कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी कहा कि मैं बेशक राजनीतिक दल का जिलाध्यक्ष हूं लेकिन देश की न्यायपालिका तो निष्पक्ष है जो लगातार चिंतित है. जो यह भी कह रही है कि सरकार आंख बंद कर सकती है पर न्यायपालिका नहीं. सरकार ने देश के कोविड मरीजों के सम्बंध में सरकार को फटकार लगाई और यहाँ तक कि अवमानना की कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु केंद्र को नोटिस जारी की है यह ब्यवस्था के विरुद्ध न्यायालय का एक्शन है इसका मतलब है कि देश की कार्यपालिका कोविड को लेकर संवेदनसील नहीं है. इसलिए न्यायालय स्वयं संज्ञान ले रही हैं. यह सम्प्रभु भारत के लिए सुभ संकेत नहीं हैं. देश में लोकतांत्रिक सरकार है और जनता के लिए काम कर रही है यह दिखना चाहिए क्योंकि सरकार के रवैये की वजह से ही आज देश मे लाशों का ढेर लगा हुआ है, जनता कराह रही है निर्धन अपनी दवा न करा पाने की वजह से दम तोड़ रहा है. अगर सरकार देश के पांच चुनावी राज्यो में सरकार बनाने के लिये एंडी चोंटी न लगाई होती जनता के दर्द के साथ खड़ी होती तो शायद इस स्थिति से देश की जनता को बचाया जा सकता. लेकिन आज देश मे लोकतांत्रिक सरकार है या नहीं पता ही नहीं चलता. अब देखिए न भले ही बीजेपी बंगाल में हार गई हो लेकिन रोज हिंसा की बातें फैलाकर आज भी राजनीतिक बातें करने से गुरेज नहीं करती .दिनाक पांच अप्रैल को बंगाल हिंसा को लेकर पूरे देश भर में आन्दोलन का निर्देश वो भी मंडल स्तर पर क्या संदेश है एक ओर पंचायतों की सड़कें सील हैं दूसरी ओर भाजपा का राजनीतिक आंदोलन आम जनमानस में भाजपा के प्रति मात्र नफरत का भाव पैदा कर रहा है. क्योंकि इस लाकडाउन मे गरीब से सौ रुपये तक वसूल लिए जाते हैं और एक राजनीतिक दल आंदोलन में बिजी है .भाजपा को देश की जनता से कोई सरोकार नहीं इन्हें मात्र सत्ता की चिंता है लेकिन जनता इन सबका पाई -पाई हिंसाब रखेगी.फिलहाल जिले की ब्यवस्था के प्रति सीधी कांग्रेस चिंतित है और प्रशासन से ब्यवस्था सुदृढ़ करने की मांग की है ताकि जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा सुनिश्चित हो सके. साथ ही काँग्रेस ने यह भी कहा कि राजनीति कभी भी हो जाएगी केंद्र और राज्य की सत्ता में बैठे उनके जनप्रतिनिधि जिले की जनता का जान बचाने की भरसक प्रयास करें क्योंकि यह संक्रमण लोगों का जीना दूभर कर दिया है. आम जनमानस जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है सत्ता और विपक्ष की राजनीति कभी भी हो सकेगी लेकिन जिले के निर्वाचित जनप्रतिनिधि घरों के अंदर कैद रहने के बजाय जनता की मदद करें क्योंकि इन्हीं जनमानस के बीच बड़ी-बड़ी बातें सत्ता के नुमाइंदे करते हैं .उक्त मांग जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष रुद्रप्रताप सिंह बाबा ने की है उन्होंने यह भी कहा कि हरहाल में जनता की जान बचाना हम सबकी प्राथमिकता है. राजनीति के लिए काफी अवसर है यहां तक कि समाजसेवी संगठनों से भी अपील की है कि सब मिलकर जान बचाना सुनिश्चित करें ताकि जिले को सुरक्षित रखा जा सके. उधर बंगाल मामले में बीजेपी के देशब्यापी आन्दोलन पर प्रश्न करते हुए सीधी कांग्रेस ने कहा कि एक ओर जनता बिना इलाज आक्सीजन के मर रही है पंचायतों की सीमाएं सील हैं लोगों का आवागमन बन्द है आमजनमानस से पैसे वसूले जा रहे हैं चारो तरफ मातम है वहीं बीजेपी बंगाल को मुद्दा बनाकर आन्दोलन कर रही है आखिर यह क्या साबित करना चाहते हैं .पहले राज्यों के चुनाव में बिजी थे अब चुनाव और मतगणना के बाद भी जनता का ध्यान देने के बजाय आन्दोलन कर रहे हैं आखिर भाजपा के ऊपर आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्यवाही क्यों नहीं आखिर बीजेपी हमेशा चुनावी और राजनीतिक मोड़ पर क्यों रहती है जनता के मूल भूत स्वास्थ्य सुविधाओं पर ध्यान क्यों नहीं दे रही है प्रशासन पांच अप्रैल के धरने पर कार्यवाही क्यों नहीं कर रहा यह जनता के ऊपर जुल्म है ऐसे आन्दोलन से भाजपा का चरित्र उजागर हुआ है.
