
हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान बत्रा अस्पताल की ओर कहा गया कि ऑक्सिजन कमी का संकट दूर नहीं हो रहा है. हमारे पास कुछ ही घंटे का ऑक्सिजन बचा हुआ है. थोड़ी ही देर बाद यह खबर आई कि हॉस्पिटल में ऑक्सिजन कमी की वजह से 8 मरीजों की मौत हो गई है.जिसमें एक डॉक्टर भी शामिल थे.
कोरोना पूरे देश में तबाही मचा रहा है. हर दिन संक्रमित लोगों का आंकड़ा बढ़ रहा है और मरने वालों की संख्या पुराने रिकॉर्ड को ध्वस्त कर रही है.इसके बावजूद कई लोग अब भी कोरोना को लेकर लापरवाही कर रहे हैं. राजधानी के बत्रा अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से 8 मरीजों की मौत हो गई है, जिसमें एक डॉक्टर भी शामिल थे.
शनिवार सुनवाई के दौरान बत्रा अस्पताल की ओर कहा गया कि ऑक्सिजन कमी का संकट दूर नहीं हो रहा है. हमारे पास कुछ ही घंटे का ऑक्सिजन बचा हुआ है. सुनवाई के दौरान थोड़ी ही देर बाद यह खबर आई कि हॉस्पिटल में ऑक्सिजन कमी की वजह से 8 मरीजों की मौत हो गई है.हालांकि थोड़ी देर बाद बत्रा अस्पताल को ऑक्सीजन की सप्लाई भी पहुंच गई लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी.हॉस्पिटल की ओर से कहा गया कि उन्हें ऑक्सिजन सप्लाई में देरी हुई. अस्पताल की तरफ से जारी बयान में बताया गया है,”हमें समय पर ऑक्सीजन नहीं मिली, दोपहर 12 बजे ही हमारी ऑक्सीजन खत्म हो चली थी और हमें डेढ़ बजे सप्लाई मिली. हमने जिंदगी गंवा दी हैं, जिसमें एक डॉक्टर भी शामिल थे.
हॉस्पिटल की ओर से यह जानकारी दी गई है कि जिन मरीजों की मौत हुई है उसमें गैस्ट्रोलॉजी विभाग के हेड भी शामिल हैं. वहीं ऑक्सिजन की कमी के मुद्दे पर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई भी चल रही है. हाई कोर्ट ने केंद्र को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि अगर हमारे आदेश का पालन नहीं हुआ तो हम अवमानना की कार्यवाही शुरू कर सकते हैं. हाई कोर्ट ने केंद्र से कहा कि आप क्या चाहते हैं कि हम लोगों को सिर्फ इसलिए मरने दें कि ऑक्सिजन नहीं है.
बत्रा अस्पताल ने कोर्ट को बताया कि हमने एक whasapp ग्रुप पर भी ऑक्सीजन के लिए रिक्वेस्ट की, जो कल ही ऑक्सीजन सप्लायर्स,दिल्ली सरकार के अधिकारियों और अस्पतालों के प्रतिनिधियों को मिलाकर बनाया गया है. उस पर हमें रेस्पॉन्स मिला कि ‘अभी हमें डिस्टर्ब न करें’
वहीं आज सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने ऑक्सिजन संकट के मुद्दे पर पर बत्रा अस्पताल से कहा कि इस स्थिति से आप सभी लोगों को सबक लेना चाहिए. दूसरों पर किसी चीज के लिए निर्भर रहने की बजाय आपको अपने यहां ही इन सब चीजों की सुविधाएं बनवा कर रखनी चाहिए. अगर आप अस्पताल जैसे संस्थान चला रहे हैं.
इस पूरे मुद्दे पर दिल्ली सरकार ने कोर्ट से कहा है कि दिल्ली के ऑक्सीजन टैंकरों को प्राथमिकता नहीं दी जा रही है.इसे जानने के लिए हमें स्क्रीन के पीछे क्या चल रहा है उसकी तह तक जाना होगा. हमारे अधिकारी हर रोज नर्वस ब्रेकडाउन की कगार पर हैं. इस बीच अधिवक्ता विराट गुप्ता ने अपनी अपील में कहा है कि वे जानते हैं कि 12 राजनीतिक पार्टियां ऑक्सीजन की ब्लैक मार्केटिंग में लगी हुई हैं. दिल्ली सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट से अपील की कि उसे सप्लायरों के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करनी चाहिए क्योंकि अभी भी आयनॉक्स के साथ ऑक्सीजन सप्लाई में दिक्कत आ रही है.राजस्थान में चार टैंकर अभी भी रुके पड़े हैं. केंद्र सरकार ने कार्रवाई की बात कही थी लेकिन मामले को हल्के में लिया गया. हाई कोर्ट ने केंद्र से पूछा- ऐसा क्यों. हाई कोर्ट ने केंद्र को निर्देश दिया कि वह तुरंत इस विवाद को खत्म करे.
वहीं बत्रा हॉस्पिटल में ऑक्सिजन की सप्लाई में देरी के चलते आज 8 मरीजों की मौतों पर हाई कोर्ट ने संज्ञान लिया है. हाई कोर्ट ने केंद्र को निर्देश दिया की वह दिल्ली को तुरंत 490 एमटी oxygen दिलवाए आज ही.
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मौत की खबर पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘ये खबर बहुत ही ज़्यादा पीड़ादायी है. इनकी जान बच सकती थी-समय पर ऑक्सीजन देकर ,दिल्ली को उसके कोटे की ऑक्सीजन दी जाए. अपने लोगों की इस तरह होती मौतें अब और नहीं देखी जाती. दिल्ली को 976 टन ऑक्सिजन चाहिए और कल केवल 312 टन ऑक्सिजन दी गयी. इतनी कम ऑक्सिजन में दिल्ली कैसे सांस ले? 1
