
मध्य प्रदेश में लगातार कोरोना का कहर जारी है, प्रदेश में दिनों दिन हालात गंभीर होते जा रहे है.प्रदेश भर में कोरोना के मरीजों की संख्या पौने पांच लाख तक पहुंच गई है. मौजूदा स्थिति में पूरे प्रदेश में 87640 एक्टिव केस हैं. ऐसे में मरीजों की बढ़ती संख्या और डॉक्टरों-नसरों की कमी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा फैसला किया है,डॉक्टरों के साथ ही नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए अब स्वास्थ्य आयुक्त आकाश त्रिपाठी ने निलंबित कर्मचारियों को बहाल कर कोरोना मे ड्यूटी लगाने का आदेश दिया है.
स्वास्थ्य आयुक्त आकाश त्रिपाठी ने सभी रीजनल डायरेक्टर्स को भेजे आदेश में निलंबित तृतीय श्रेणी कर्मचारियों नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ लैब टेक्नीशियन, कम्पाउंडर, फार्मासिस्ट, रेडियोग्राफर को तत्काल बहाल करने को कहा है. इसके साथ ही मैदानी कर्मचारियों एएनएम, एमपीडब्ल्यू, पर्यवेक्षक, बीईई को बहाल कर कोरोना मरीजों के इलाज संबंधी सेवाओं में ड्यूटी लगाने के आदेश दिए हैं। हालांकि रिश्वत लेते हुए ट्रैपहुए और व्यापमं में लंबित कर्मचारियों को बहाल नहीं किया जाएगा।
कोरोना महामारी जिम्मेदारी संभालने में विफल रहे स्वास्थ्य आयुक्त तथा लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव डॉ. संजय गोयल को हटा दिया गया था, उनकी जगह आकाश त्रिपाठी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।सुत्रों की माने तो एस्मा लगाने के पहले यानी 30 मार्च को 20 दिन में ज्वॉइनिंग देने का आदेश देने के बावजूद 186 डॉक्टर्स के सेवाएं ना देने पर एक्शन लेने की बात कही है। इस संबंध में नवागत स्वास्थ्य आयुक्त आकाश त्रिपाठी ने चिकित्सा शिक्षा आयुक्त निशांत वरवड़े को पत्र लिखकर ऐसे डॉक्टर्स के खिलाफ एक्शन लेने को कहा है।
