क्राइसिस मैनेजमेंट गुप मीटिंग के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बड़ा फैसला लिया है जहां (दमोह को छोड़कर) प्रदेश के शहरी क्षेत्रो में 60 घंटे का लॉकडाउन लगाया गया है। साथ ही आज शाम को एक बार फिर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जिले के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बड़ी बैठक करेंगे। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक है। माना जा रहा है कि मीटिंग के बाद मुख्यमंत्री शिवराज आगे की स्थिति पर कोई बड़ा फैसला लेंगे, इससे पहले मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा कि आज कोरोना संक्रमण की भी उच्च स्तरीय समीक्षा की है।

बिस्तर की संख्या को बढ़ाकर 1 लाख किया जाएगा-मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि एक तरफ हम इलाज की सारी व्यवस्थाएं कर रहे है। बिस्तर की संख्या को बढ़ाकर 1 लाख किया जाएगा। भोपाल में पीपुल्स ओर जे के अस्पताल को निशुल्क उपचार के लिए चुना गया है। जंहा गुंजाइश है वहां कसर नहीं छोड़ेंगे, भिलाई से ऑक्सीजन लेना शुरू कर दिया है। इंजेक्शन भी खरीद रहे है, दवाइयों की कमी ना रहे इसका भी प्रबन्ध किया जाएगा। आज देश में सवा लाख से ज्यादा मामले आए है, कई राज्यों कि हालात खराब है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा रात में सभी जिले में कलेक्टर सहित सभी से चर्चा करूंगा, कल वर्चुअल कैबिनेट बैठक भी करूंगा। इसके अलावा सांसद विधायकों से भी चर्चा करूंगा, सभी को साथ लेकर चलना है।
मप्र में बिगड़े हालात, 24 घंटे में मिले 4424 नए मरीज, 27 की मौत
मध्यप्रदेश मैं कोरोना भयानक रूप ले रहा है, हर दिन पहले के रिकॉर्ड ध्वस्त नजर आ रहे हैं। संक्रमण की रफ्तार से एक्टिव केस की संख्या में बढ़ोतरी देखी जा रही है। पिछले 24 घंटे में मध्यप्रदेश में रिकॉर्ड 4,424 नए मरीजों की पुष्टि हुई है। जबकि 27 मरीजों की मौत हो गई हैं। पिछले 6 महीने बाद यह 1 दिन में मौत का सबसे बड़ा आंकड़ा है। 52 जिलों में से 43 जिलों में लगातार संक्रमण के मामले सामने आ रहे है।
आज शाम 6:30 बजे पीएम मोदी सभी राज्य के मुख्यमंत्रियों के साथ करेंगे बैठक-
देश में बढ़ते कोरोना संक्रमण को लेकर आज पीएम मोदी शाम 6:30 बजे सभी राज्य के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक
करेंगे। जिसके बाद सीएम शिवराज सभी जिले के एसपी और डीएम सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ वर्चुअल
मीटिंग करेंगे वहीं जिले की स्थिति का जायजा लिया जाएगा। जहां कोरोना के मामले अधिक है वहां प्रतिबन्ध बढ़ाए जा सकते हैं, इसके अलावा आगे की रणनीति पर विचार कर सकते हैं, हालांकि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि वह लॉकडाउन लगाने के मूड में नहीं है लेकिन कोरोना की स्थिति से निपटने के लिए किसी भी परिस्थिति को स्वीकार करना अनिवार्य है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि लॉकडाउन से पहले के सारे विकल्प को प्रदेश में आजमाया जाएगा, इसके बावजूद अगर संक्रमण के मामले कम नहीं होते हैं तो आखिरी विकल्प के रूप में लॉकडाउन को चुना जाना अनिवार्य होगा।
