मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह सरकार के चौथे कार्यकाल को 1 साल पूरे हो गए हैं और लेकिन निगम मंडलों के नियुक्तियों के नाम पर अभी कुछ ही नियुक्तियां हुई हैं।सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो इसी माह के अंत तक इसकी घोषणा की जा सकती है।भाजपा संगठनात्मक रूप से मजबूत होने के साथ-साथ उन लोगों को संतुष्ट करने का प्रयास करेगी जो सत्ता सुख से दूर हैं, भाजपा के कई वरिष्ठ विधायक जो मंत्री पद के आस में बैठे थे लेकिन मंत्रिमंडल में जगह न मिलने से असंतुष्ट बताए जा रहे हैं असंतुष्ट ओं को साधने की कवायद और संतुलन बनाए रखने के प्रयास के लिए अब जल्दी निगम और मंडलों में नियुक्तियां की जाएंगी ।
इन्हें मिल सकता है मौका-
निगम मंडलों में नियुक्ति में देखा जाए तो सिंधिया गुट से पहला नाम इमरती देवी का आता है जो कमलनाथ सरकार में मंत्री रहते हुए विधायक ही से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हो गई थी लेकिन चुनाव हार गई हैं और अब इन्हें सरकार निगम मंडल में नियुक्त करने का विचार कर सकती है इसके साथ ही दोनों सरकारों में मंत्री रह चुके गिर्राज दंडोतिया और चुनाव हार चुके विधायक रणवीर जाटव भी सिंधिया के कोटे से निगम मंडल में अर्जेस्ट किए जा सकते हैं। सिंधिया के विश्वस्तों में पहला नाम पंकज चतुर्वेदी का है ।
वहीं भाजपा की बात करें तो भाजपा के ऐसे कई नेता है जो पार्टी में हो रहे अपनी उपेक्षा से दुखी हैं, और सरकार व संगठन लगातार मनाने का प्रयास कर रहा है ऐसे लोगों में अजय विश्नोई का नाम सबसे पहले है इसके साथ ही दमोह से बीजेपी के कद्दावर नेता और जयंत मलैया के बेटे सिद्धार्थमलैया को टिकट न मिलने की भरपाई निगम मंडल में नियुक्ति देखकर की जा सकती है। साथ ही पूर्व मंत्री दीपक जोशी को भी निगम मंडल में नियुक्ति दी जा सकती है। इसके अलावा कई और नेता इस दौड़ में शामिल हैं ।

अंतिम फैसला मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा और संगठन महामंत्री सुभाष भगत के बीच तय होने के बाद दिल्ली से अंतिम मुहर लगने के पश्चात ही होगा।
