महारष्ट्र में चल रहे सियासी घटनाक्रम के बीच अब अनिल देशमुख को गृह मंत्री के पद से हटाने की मांगें उठने लग गई है। हमेशा अपने बयानों से कांग्रेस को मुसीबत में डालने वाले पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के भाई और चाचौड़ा विधानसभा से विधायक लक्ष्मण सिंह एक बार फिर से सुर्खियों में आ गए है। उन्होंने महाराष्ट्र में चल रहे सियासी घटनाक्रम के बाद सरकार से कांग्रेस का समर्थन वापस लेने की बात कही है। लक्ष्मण सिंह ने ट्वीट कर लिखा है कि,“अगर 100 करोड़ प्रति माह मुंबई पुलिस के माध्यम से महाराष्ट्र के गृह मंत्री वसूल रहे हैं,और अगर यह सत्य है,तो देशमुख “देश”के “मुख” नहीं हो सकते।लगता है”अगाड़ी सरकार “पिछड़ती”जा रही है,कांग्रेस को समर्थन वापस लेना चाहिए।”
लक्ष्मण सिंह पहले भी अपनी साफगोई के लिए अक्सर कांग्रेस के लिए मुसीबत बनते रहे हैं। राहुल गांधी के दस दिन में किसानों के दो लाख रू तक के कर्ज माफी वाले बयान का भी उन्होंने अव्यावहारिक होने की बात कहकर विरोध किया
था। कमलनाथ सरकार के सत्ता में रहते भी वे कई बार सरकार के खिलाफ न केवल बयान देते रहे बल्कि अपने क्षेत्र की समस्याओं के लिए तो उन्होंने पदयात्रा तक निकाल दी थी। ऐसे में उनका ताजा बयान गठबंधन की महाराष्ट्र सरकार के ऊपर सीधा आरोप है कि उनके गृह मंत्री कहीं न कहीं विवाद में है।
लक्ष्मण सिंह का यह ट्वीट इसलिय किया क्योंकि मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह द्वारा महाराष्ट्र के गृह मंत्री और एनसीपी नेता अनिलदेशमुख पर गंभीर आरोप लगाए है।परमबीर सिंह ने शनिवार को अपने खत में आरोपलगाया कि अनिल देशमुख पुलिस अधिकारियों कोअपने आवास पर बुलाया करते हैं और उन्हें बार, रेस्तरां और दूसरे जगहों से वसूली का टारगेट देते हैं।

