अगले 24 घंटे बाद मध्य प्रदेश के मौसम के मिजाज बदलने वाले है।बुधवार को तापमान में गिरावट के साथ बारिश के आसार है। मौसम विभाग की माने तो होली से पहले 16 और 17 मार्च को एक नया सिस्टम बनने की संभावना है, जिसका असर मध्यप्रदेश भी दिखाई देगा। इससे प्रभाव से वातावरण में नमी बढ़ेगी और बादल छाएंगे।वही गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने के आसार बन रहे है।
वही तापमान में उतार चढ़ाव के साथ 18 मार्च को हवाओं का रुख फिर बदलने की संभावना है। इनके प्रभाव से 18-19 मार्च से एक बार फिर मध्यप्रदेश में बादल छाने लगेंगे और कहीं-कहीं बरसात भी हो सकती है। 20 मार्च से एक बार फिर मौसम साफ होने लगेगा।इसके प्रभाव से 17 मार्च से इंदौर संभाग के साथ खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर, बैतूल व हरदा में हल्की बारिश का असर होगा।
भारतीय मौसम विभाग की माने तो 17 और 18 मार्च के दौरान पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है।जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में 15 और 16 मार्च को भारी बारिश औरर 18 मार्च को उत्तर पश्चिमी भारत के मैदानी इलाकों में बिजली और गरज के साथ बारिश होने की संभावना है।बरसात होने की संभावना है।
स्काईमेट के अनुसार 16 और 17 मार्च को पंजाब, हरियाणा और दिल्ली सहित उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में बारिश होने की संभावना है और इस अवधि के दौरान मध्य भारत से दक्षिण भारत तक प्री-मॉनसून देखा जा सकता है।वही उत्तराखंड के अलग-अलग स्थानों पर आज सोमवार को हल्की बारिश होने की संभावना है।
बता दे कि बीते दिनों हुई बारिश-ओलावृष्टि से मध्य प्रदेश के कई जिलों में गेहूं, चना, और मसूर की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है।खास करके होशंगाबाद, विदिशा और हरदा, मालवा अंचल, महाकोशल-विंध्य, ग्वालियर-चंबल अंचल, दतिया और श्योपुर में खेतों में खड़ी फसलें आड़ी हो गई है।

