पुलिस अधीक्षक सीधी पंकज कुमावत के कुशल निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुश्री अंजू लता पटेल व उप पुलिस अधीक्षक श्रीमती गायत्री तिवारी के कुशल मार्गदर्शन तथा कोतवाली प्रभारी हितेन्द्र नाथ शर्मा तथा जमोड़ी थाना प्रभारी शेषमणि मिश्रा के नेतृत्व में साइबर सेल की सहयोग से अंधी हत्या का खुलासा रविवार को दोपहर पत्रकार वार्ता आयोजित करके किया गया I
घटना के संबंध में बताया गया कि 13 मार्च की सुबह 8:00 बजे जमोरी पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम मुठिगवा में रोड के किनारे एक लाश पड़ी है सूचना पर थाना कोतवाली ने निरीक्षक हितेंद्र नाथ शर्मा तथा थाना जमोड़ी से उपनिरीक्षक शेषमणि मिश्रा अपने स्टाफ के साथ घटनास्थल पर पहुंचे तथा घटना के संबंध में अपने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया गया, जिस पर पुलिस अधीक्षक पंकज कुमावत सहित पूरी टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची एवं कार्यवाही की आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
अज्ञात लाश की शिनाख्त करने पर अवनीश उर्फ नीरज सिंह बघेल पिता कैलाश सिंह उम्र 31 वर्ष मड़रिया निवासी थाना कोतवाली सीधी के रूप में किया गया, जो कि 12 मार्च की रात करीब 8:00 बजे से घर से लापता था ,उक्त घटना पर थाना जमोड़ी में धारा 302 ,201 आईपीसी के तहत अपराध पंजीबद्ध किया तथा विवेचना में लिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खोज हेतु अलग-अलग टीमों का गठन किया गठित टीमों द्वारा अपने कुशल क्षमता का उपयोग करते हुए कई संदिग्धों को अभिरक्षा में लेकर कड़ाई से पूछताछ की गई तो ज्ञानेंद्र कुमार पाण्डेय पिता रामनरेश पाण्डेय उम्र 38 वर्ष निवासी उमरिहा थाना रामपुर नैकिन ने वारदात कबूल करते हुए घटना में प्रयुक्त धारदार हथियार, पहने गए कपड़े व उपयोग में लाई गई मोटरसाइकल जप्त कराया।
उधारी के रुपए का लेनदेन रहा हत्या की वजह-
गिरफ्तार किए गए आरोपी द्वारा पुलिस को बताया गया कि हत्या की वजह उसके और मृतक अवनीश सिंह उर्फ रजनीश सिंह के बीच उधारी के रुपए का लेन-देन था Iआरोपी ज्ञानेंद्र पांडये जो व्यवसाई है शहर में बीज भंडार की दुकान संचालित करता था, आरोपी द्वारा बताया गया कि मृतक द्वारा आरोपी से ब्लैंक चेक लिया गया था और बार-बार कहा जा रहा था कि मेरे पास तुम्हारे ब्लैंक चेक है जिसमें मैं जितनी राशि चाहूं भरकर ले सकता हूं अवनीश सिंह उधारी के रुपए की मांग को लेकर बार-बार आरोपी को मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था,पैसे के लेने देंन के विवाद को लेकर धारदार हथियार से रात के अंधेरों में मौत की घाट उतार मौके से फरार होनो में कामयाब हो गया था I
मामले का खुलाषा सीधी पुलिस अधीक्षक पंकज कुमावत ने की है,लेकिन जैसे हीसीधी पुलिस अधीक्षक ने मामले का खुलाषा किया वैसे ही पुलिस अधीक्षक के पीछे खड़ा आरोप ज्ञानेंद्र पांडेय जमीन पर गिर कर बेहोश हो गया आनाफान में पुलिस कर्मियों ने पानी डालना सुरु किया इसके बाद भी आरोपी को होश नहीं आया तब पुलिस अधिकारीयों के निर्देश के बाद मौजूद पुलिस कर्मी द्वारा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां प्रथमिक उपचार के बाद होश आया तब जाकर पुलिस आरोपी को न्यायलय में पेश कर सकी है I
अंधी हत्या के रहस्य को सुलझाने के लिए इनका रहा सराहनीय योगदान –
इस अंधी हत्या का खुलासा करने व आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक हितेंद्रनाथ शर्मा ,थाना प्रभारी जमोड़ी शेषमणि मिश्रा, उपनिरीक्षक केदार प्ररोहा, तरुण बेड़ीया, देवेंद्र पाण्डेय सहित प्रधान आरक्षक तिलकराज सिंह, आनंद शर्मा ,अभिषेक सिंह ,राहुल यादव, आजाद खान व साइबर सेल से आनंद कुशवाहा प्रदीप मिश्रा ,कृष्णमुरारी द्विवेदी जी की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक पंकज कुमावत द्वारा जिन्हें उचित पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।


