सीधी वन मंडल में पदस्थ पूर्व वनमंडलाधिकारी एसपी सिंह गहरवार के द्वारा लघु वनोपज का अध्यक्ष बनने के लिए सांसद के नकली लेटर पैड का उपयोग किया गया, उनके द्वारा 10 मार्च को पत्र क्रमांक 640 /सीएमएस/एमपी/ 011/2021 अंकित कर प्रमुख सचिव वन विभाग के पास भेजा गया जिसमें सांसद के द्वारा अनुशंसा की गई थी कि एसपी सिंह गहरवार को लघुवनोपज का अध्यक्ष बनाया जाए लेकिन जब प्रमुख सचिव कार्यालय से सांसद रीति पाठक के पास फोन आया कि आपके पत्र पर कार्रवाई की जा रही है तो सांसद के द्वारा मना करते हुए यह कहा गया कि मैंने इस तरह का कोई पत्र नहीं लिखा है तथा पत्र की प्रति की मांग की गई एवं इसकी जानकारी सांसद के द्वारा मुख्यमंत्री को भी दी गई ।
आरोपी के खिलाफ मामला हुआ पंजीबद्ध
दिल्ली से वापस लौटने के बाद सांसद द्वारा अपने निजी सचिव हीरालाल यादव से कोतवाली पुलिस को आवेदन दिलाकर कार्यवाही की मांग की गई जिस पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भादवि की धारा 420 ,417, 419, 465, 469 के तहत मामला पंजीबद्ध कर लिया गया है।
सांसद को किया गया रिश्वत देने का प्रयास
फर्जीवाड़ा उजागर होने के बाद आरोपी एसपी सिंह गहरवार पूर्व वनमंडलाधिकारी द्वारा सांसद को रिश्वत देने का भी प्रयास किया गया। सांसद के दिल्ली से वापस लौटने पर आरोपी उनके आवास में जाकर मिठाई का डिब्बा व लिफाफे में कुछ रुपए रख कर वापस लौट आया, जिसे सांसद द्वारा कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया है।
वन मंडलाधिकारी द्वारा पूर्व में भी किया गया था ऐसा ही फर्जीवाड़ा
वनमंडलाधिकारी सीधी में पदस्थ रहने के दौरान भी एसपी सिंह गहरवार ने सांसद के फर्जी लेटर पैड का सहारा लिया था ,जिसका खुलासा होने पर सांसद के द्वारा फटकार लगाते हुए हिदायत देकर मामले को पुलिस को नहीं सौंपा गया था।


