
इन दिनों मध्य प्रदेश की राजनीति के अलग अलग रंग देखने को मिल रहे है। एक तरफ बीजेपी सांसद केपी यादव का शिवराज के कैबिनेट मंत्री महेन्द्र सिंह सिसौदिया को लेकर दिया गया बयान सुर्खियों में बना हुआ है,वही दूसरी तरफ ग्वालियर के कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की तारीफ के बाद मुख्यमंत्री बनाने की इच्छा ने सियासी गलियारों में नई बहस छेड़ दी है।ग्वालियर के कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक का कहना है कि प्रदेश के गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा के साथ बीजेपी के भीतर अन्याय हो रहा है। उन्होंने जोड़-तोड़ कर सरकार बनाई, लेकिन हालत यह है, पेड़ किसी और ने लगाया फल कोई और खा रहा है। फल भी उसे ही खाने चाहिए जिसने पेड़ लगाया है।
ग्वालियर में भगवान परशुराम के चल समारोह के लिए आयोजित किए गए कार्यक्रम में कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक ने गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा की तारीफ की है। रविवार की रात कार्यक्रम में पाठक ने यहां तक कह दिया कि हमारे मुख्यमंत्री भी यही हैं। ब्राह्मण समाज के इस कार्यक्रम में मंच पर गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा समेत मध्य प्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री प्रदुमन सिंह तोमर और ग्वालियर दक्षिण विधानसभा से कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक पहुंचे थे। मंच पर जब डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा मौजूद थे, तब कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक ने उनकी तारीफ की है। उन्होंने कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं, मंत्रियों के विभाग बदलते रहते हैं लेकिन पिछले चार दशकों से हमारे समाज के गृह मंत्री, डीजीपी और मुख्यमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ही हैं। हमारे समाज के गृहमंत्री नहीं बदलेंगे। यह बात सुनकर डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा के चेहरे पर मुस्कान बिखर गई।गौरतलब है कि गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा दतिया क्षेत्र से आते हैं। उस इलाके में उनका अच्छा प्रभुत्व है। साथ ही सरकार में नंबर टू की हैसियत रखते हैं। वहीं, प्रवीण पाठक भी कांग्रेस के कद्दावर विधायक है। साथ ही सरकार के खिलाफ मुखर होकर बोलते हैं। गृह मंत्री की तारीफ के बाद सियासी गलियारों में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक ने आगे कहा कि गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा में योग्यता की कोई कमी नहीं, उनमें हर वह क्षमताएं जो एक मुख्यमंत्री में होती हैं ,लेकिन उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाया जा रहा, इससे ब्राह्मण समाज में बीजेपी के विरुद्ध नाराजगी है ।यह पहला मौका नहीं है,जब कांग्रेस विधायक ने गृह मंत्री की तारीफ या समर्थन किया हो।इसके पहले रविवार को प्रवीण पाठक ने कहा था कि ऐसा विद्वान नेता पूरे मध्यप्रदेश में नहीं, आगे उन्होंने कहा कि अपने समाज का मंत्रालय कभी बदलने वाला नहीं है, अपने गृह मंत्री भी यही है डीजीपी भी यही है और मुख्यमंत्री भी यही है।
