
हाल ही में पांच राज्यों में मिली हार के बाद कांग्रेस कार्यसमिति की रविवार को हुई बैठक में सोनिया गांधी ने इस्तीफे की पेशकश की, जिसे सभी ने रिजेक्ट कर दिया. वहीं सोनिया गांधी की पेशकश के बाद कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद, अजय माकन, आनंद शर्मा के तेवर नरम पड़ गए हैं और कहा कि हमारी सलाह पार्टी के भले के लिए, हमको विरोधी या दुश्मन न समझा जाए. अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि सीडब्ल्यूसी ने सर्वसम्मति से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में विश्वास जताया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी जल्दी ही चिंतन शिविर बुलाएगी. कांग्रेस कार्यसमिति की ये बैठक करीब चार घंटे तक चली.
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में राहुल गांधी ने कहा कि पार्टी को राज्यवार रणनीति बनानी होगी, कहीं अकेले तो कहीं गठजोड़ करना होगा. वहीं प्रियंका गांधी ने कहा कि हमको मालूम था कि रिजल्ट हमारे हक में नहीं होगा, लेकिन मेहनत की और लड़ाई लड़ी. बैठक के दौरान पांचों चुनावी हार वाले राज्यों के प्रभारियों ने रिपोर्ट दी. बैठक में G21 के नेताओं के तेवर ढीले रहे.
