
बुरहानपुर जिले के नेपानगर से असीरगढ़ के बीच बुधवार को बड़ा हादसा टल गया। यहां जंगल में स्थित चांदनी रेलवे स्टेशन बिल्डिंग पुष्पक एक्सप्रेस की तेज रफ्तार से गुजरने के दौरान हुए कंपन से भरभराकर गिर गई। बड़ी बात ये रही इसमें कोई हताहत नहीं हुआ। देश में संभवतः यह ऐसी पहली घटना है, जिसमें रेलवे स्टेशन की बिल्डिंग ट्रेन गुजरने से गिरी हो। यह बिल्डिंग केवल 14 साल पुरानी है।

जानकारी के अनुसार दोपहर करीब 4 बजे यह हादसा हुआ। कंपन इतना तेज था कि स्टेशन सुप्रिटेंडेंट के कमरे की खिड़कियों के कांच फूट गए। बोर्ड नीचे गिर गए। मलबा प्लेटफाॅर्म पर बिखर गया। मौके पर तैनात ASM प्रदीप कुमार पवार ट्रेन को हरी झंडी दिखाने बाहर निकले। लेकिन बिल्डिंग गिरती देख फौरन वहां से दूर हो गए।

मुंबई-दिल्ली मार्ग पर स्थित है यह स्टेशन
दरअसल, चांदनी रेलवे स्टेशन मुंबई-दिल्ली मार्ग पर स्थित है। इसलिए यहां से हाई स्पीड गाड़ियां पूरे दिन गुजरती हैं। हादसे के बाद करीब दो घंटे तक ट्रेनों को आउटर पर रोककर रखा गया। उसके बाद यहां से गाड़ियों को स्पीड कम कर निकाली गई है। भवन गिरने के बाद बिल्डिंग के निर्माण पर सवाल उठ रहे हैं क्योंकि रेलवे स्टेशनों के निर्माण में क्वालिटी से समझौता नहीं होता है।
रेलवे का दावा- भ्रष्टाचार का आरोप गलत
हादसे को लेकर मध्य रेलवे के मुख्य पीआरओ शिवाजी सुतार ने कहा है कि मामले की जांच की जा रही है। केवल छज्जा क्षतिग्रस्त हुआ है। ढांचे को सपोर्ट प्रदान किया गया है। किसी तरह का जान-माल या यातायात प्रभावित नहीं हुआ है। ट्रेन रोजाना इसी स्पीड से गुजरती है, ऐसे में नहीं कहा जा सकता है कि कंपन के कारण छज्जा गिरा। जांच होगी। भ्रष्टाचार का आरोप गलत है।
सूचना मिलते ही भुसावल से ADRM मनोज सिंहा, खंडवा ADN अजय सिंह, सीनियर DN राजेश चिकले पहुंचे। उन्होंने घटना की जानकारी ली। मौके पर भुसावल, खंडवा, बुरहानपुर की RPF और GRP को तैनात किया गया है।
