
कोरोना की बढ़ती महामारी अब लोगों की मानसिकता पर असर डालने लगी है। माहौल की निराशा अब लोगों की सोच को प्रभावित करने लगी है। साथ जीने मरने की कसम खाने वाले नेहा और पवन की प्रेम कहानी का बेहद दुःखद अंत हुआ। 18 साल पहले छत्तीसगढ़ के कोरबा से शुरू हुई उनकी प्रेम कहानी कोरोना का कहर झेल नहीं पाई और बुधवार को उसका दुखद अंत हो गया। पांच साल पहले लव मैरिज करने वाले कपल की जिंदगी नई उड़ान भरने को तैयार थी लेकिन एक अदृश्य दुश्मन ने पवन को अपनी चपेट में ले लिया और आखिरकार 15 दिनों तक चली जिंदगी और मौत की जंग के बीच पवन जिंदगी की जंग हार गया। इस बात का पता चलते ही उसे जान से भी ज्यादा चाहने वाली पत्नी नेहा ने घर पहुंचकर खुद को फांसी लगा ली और अपनी जान दे दी।
पवन और नेहा की जिंदगी बहुत खुशहाल चल रही थी। पत्नी जहां निजी कॉलेज में प्रोफेसर थी तो पति का हाल ही पीएससी के जरिये रेंजर के पद पर चयन हुआ था। लेकिन कोरोना की चपेट में आने के कारण वो ड्यूटी ज्वाइन ही नहीं कर पाया। 19 अप्रैल को कोरोना ने दोनों की खुशियों पर ग्रहण लगा दिया और 36 साल के पवन पंवार को कोरोना संक्रमण हो गया। बुधवार सुबह इलाज के दौरान पवन की मौत हो गई। इसके ढाई घंटे बाद नेहा ने भी घर पहुंच कर फांसी लगा ली।
पवन जब से बीमार पड़े, नेहा उनके साथ ही थी। चार दिन पहले उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ी तो दोनों के घरवाले भी इंदौर आ गए। पवन की हालत गंभीर देख नेहा अक्सर परिवार के लोगों से उन्हें बचाने की गुहार लगाती थी। वो कहती थी कि पवन को कुछ हुआ तो वे भी जिंदा नहीं रह पाएंगी। और उसने ऐसा ही किया। उसकी आंखों के सामने पवन की मौत हुई तो वह सहन नहीं कर सकी।
पवन की मौत के बाद परिजन उनका शव बड़वानी ले जाने की तैयारी कर रहे थे। नेहा घर से कपड़े लेने के बहाने भाई अनुराग के साथ गई। घर पहुंच कर उसने भाई को नीचे ही रोक दिया और खुद ऊपर चली गई। 10-15 मिनट तक इंतजार करने के बाद भाई ने फोन लगाया। नेहा ने फोन नहीं उठाया तो अनुराग घर के अंदर गया। तब तक नेहा फंदे पर झूल चुकी थी। इसके बाद उसने उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
